अच्छा लगता है हर रात तेरी यादों में खो जाना, जिसे लमहों की किताब और यादें का कवर कहते हैं, कमी नहीं दिखेगी कभी दुसरों की शान में; जिस दिन झांकेगा अपने गिरेबान में… तेरे आगे रोयें अब इतने भी बेगैरत नहीं हैं हम। मैं तो वक़्त से हारकर सर झुकाये
अच्छा लगता है हर रात तेरी यादों में खो जाना, जिसे लमहों की किताब और यादें का कवर कहते हैं, कमी नहीं दिखेगी कभी दुसरों की शान में; जिस दिन झांकेगा अपने गिरेबान में… तेरे आगे रोयें अब इतने भी बेगैरत नहीं हैं हम। मैं तो वक़्त से हारकर सर झुकाये